Gujarat State Yojana

  • Women and Child Development Projects and Initiatives
  • Infrastructure Projects and Initiaitves
  • Global Warming: Climate Change Initiatives
  • Agriculture Projects and Initiatives
  • Education Projects and Initiatives
  • E-governanace Project and Initiatives

Secretary Message

एनजीओं के पास संवैधानिक अधिकार होते है,जबकि सरकार भी एक कल्याणकारी संस्था होती है जिसे देश पर राज करनें का अधिकार होता है। क्योंकि सरकार भी एक नागरिकों का दल होता है। लेकिन देश के नागरिकों नें एक समझौता किया हुआ है कि, देश में शासन करनें के कुछ नियम कानून होंगे,जो सभी देशवासीयों को मान्य होंगे। और यह कानून देश के मूल कानून मानें जाऐंगे। इन्हीें कानूनों के संग्रह को संविधान कहेंगे। जो सरकार से भी उपर होंगे। इसी तर्ज पर कुछ लोग, देश या समाज के कल्याण के लिए संगठन या संघ बनाते है।

सत्ता से बाहर रहकर कोई राजनैतिक दल एक एनजीओ के समान ही काम करती है। एनजीओं को संवैधानिक शक्तियां प्राप्त होती है सरकार तो आती-जाती रहती है,प्ररन्तु संविधान अड़िंग रहता है। सरकार किसी एनजीओ को लाभ पहुॅचा सकती है या हानि लेकिन अपनी मर्जी से समाप्त नहीं कर सकती,क्योंकि कई एनजीओ तो सरकार से भी महान हो सकती है। सरकार पर भी दबाव ड़ाल सकती है और किसी काम को करनें या नां करनें के लिए सरकार को भी झुका सकती है।

संगठन के पास भारत के संविधान के ।तजपबसम 19(c),25(A)(B)(32)(1)(2)51(B)(F) शक्तियां प्राप्त है। हमारे मौलिक अधिकार:-1 संविधान का अनुच्छेद-19 गारंटी देता है भाषण देनें की स्वतंत्रता,शांतिपूर्वक तरीके से बिना हथियार के इकटठा होनें की स्वतंत्रता, कोई भी संघ या समिति बनानें की स्वतंत्रता,पूरे भारत में कहीं भी घूमनें की स्वतंत्रता,भारत में कहीं भी बसनें की स्वतंत्रता,कोई भी व्यवसाय अपनानें की स्वतंत्रता,अनुच्छेद 226 बताता है कि यदि किसी के मौलिक अधिकारों का हनन होता तो वह इसी अनुच्छेद के तहत हाईकोर्ट की शरण में जा सकता है।

लेकिन इस देश की यह विडंबना है कि पुलिस आॅफिसर अपनें को नौकर कम हाकिम अधिक समझाते है। जबकि वो जनता के सेवक होते है। जनता जो पैसा सरकार को टैक्स के रूप में देती है उसी पैसे से सरकार अधिकारीयों को तन्खाह देती है और उन्हीं पैसों से सरकार की एयर कंडीशनर गाड़ीयाॅं,लाल-नीली-पीली-बत्तीयाॅ,चलती है। जब पैसा जनता का है तो सरकारी अफसर जनता के सेवक हुऐ। यह बात समझानी पड़ेगी।

आज हमारे भारत देष में कुछ राजनेताओं नें मंदिर-मस्जिद और हिन्दू-मुस्लिम,हिन्दुस्तान-पाकिस्तान,गौरक्षक के नाम पर लोगों को जान से मारदेना और कानून को अपनें हाथों में लेना जैसे मुददों पर लड़ाकर वोट लेनें का काम करता है जो इस देश के लिए बहुत बड़ा खतरा है। इस नफरत को जड़ से खत्म करना पड़ेगा। जिससे देश में अमन-शांति बनी रहे।

संगठन को मजबूती प्रदान करनें के लिए संगठन का सदस्य बननें की लोगों से अपील की क्योंकि कार्यकर्ता किसी भी संगठन की रीढ़ की हडडी़ होते है।

Mohd Ishaq Khan (Retired S.P Haryana Police)
(Secretary)
Mobile No-9991402786